स्थायी जमा कैलकुलेटर एक आसान और उपयोगी टूल है, जिसकी मदद से आप अपनी FD पर मिलने वाले ब्याज और परिपक्व राशि का तुरंत अनुमान लगा सकते हैं। यह आपकी निवेश अवधि ब्याज कंपाउंडिंग और वार्षिक ब्याज दर के आधार पर बताता है कि आपकी जमा राशि समय के साथ कितनी बढ़ेगी।
स्थायी जमा (FD) कैलकुलेटर
यह स्थायी जमा (FD) कैलकुलेटर कैसे काम करता है
यह FD कैलकुलेटर कंपाउंड इंटरेस्ट के सूत्र पर काम करता है —
A = P (1 + r/n)^(n×t)
जहाँ:
- P = प्रारंभिक निवेश राशि (Principal Amount)
- r = वार्षिक ब्याज दर (Annual Interest Rate)
- n = कंपाउंडिंग की संख्या (जैसे वार्षिक, त्रैमासिक, मासिक)
- t = निवेश की अवधि (Investment Duration)
ये कैलकुलेटर आपके FD ब्याज और परिपक्व राशि का सटीक अनुमान देता है।
आप अवधि को साल या महीनों में डाल सकते हैं और विभिन्न कंपाउंडिंग विकल्प (वार्षिक, त्रैमासिक, मासिक) चुन सकते हैं।
निष्कर्ष
स्थायी जमा कैलकुलेटर (FD Calculator in Hindi) एक बेहद उपयोगी टूल है जो आपको आपकी जमा राशि, ब्याज दर, और मच्योरिटी वैल्यू की पूरी जानकारी देता है। यह निवेशकों को यह समझने में मदद करता है कि अलग-अलग ब्याज दरों और अवधियों पर कितनी राशि मिलेगी। निवेश करने से पहले इस कैलकुलेटर का उपयोग ज़रूर करें ताकि आप बेहतर वित्तीय निर्णय ले सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
उत्तर – स्थायी जमा एक निवेश योजना है जिसमें आप बैंक या वित्तीय संस्था में निश्चित समय के लिए धन जमा करते हैं। इस पर निश्चित ब्याज दर से ब्याज मिलता है और अवधि पूरी होने पर ब्याज सहित पूरी राशि वापस मिलती है।
उत्तर – अपनी प्रारंभिक निवेश राशि, ब्याज दर, निवेश अवधि और कंपाउंडिंग प्रकार डालें। “गणना करें” बटन दबाते ही यह कैलकुलेटर आपके ब्याज और कुल राशि दिखा देगा।
उत्तर – हाँ, यह एक सामान्य गणना टूल है। आप किसी भी बैंक की ब्याज दर डालकर अपने FD की परिपक्व राशि का अनुमान लगा सकते हैं।
उत्तर – कंपाउंडिंग जितनी बार होती है, ब्याज उतना अधिक मिलता है। इसलिए मासिक कंपाउंडिंग (Monthly Compounding) में ब्याज सबसे ज़्यादा होता है।
उत्तर – नहीं, यह केवल ब्याज और कुल राशि दिखाता है। टैक्स के बाद की राशि आपकी टैक्स स्लैब के अनुसार बदल सकती है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के स्थायी जमा से जुड़े नियम
भारतीय रिज़र्व बैंक समय-समय पर बैंकों के लिए स्थायी जमा (Fixed Deposit) से संबंधित दिशा-निर्देश और ब्याज दर नीतियाँ जारी करता है। इन नीतियों में जमा पर ब्याज दरें, परिपक्वता नियम, और ब्याज भुगतान के प्रावधान शामिल होते हैं, जिन्हें आप RBI की आधिकारिक हिंदी वेबसाइट पर यहाँ देखें। यह जानकारी निवेशकों को अपनी एफ.डी. योजनाओं की समझ और सुरक्षित निवेश निर्णय लेने में मदद करती है।